आज क्या हम अनुमान लगा सकते हैं कि हमारी स्थिति बिल्कुल वैसी है जैसी पहले थी. आज बात करते हैं हम अपनी आर्थिक स्थिति की. यू तो देश में मंदी छायी हुई है जिसके कारण न तो कोई रोजगार का निर्माण हो रहा है . जिसके चलते आधे से ज्यादा लोगों ने अपनी नौकरी गंवा दी है . दूसरी तरफ देश में लगातार मुद्दा का मूल्य कम हो रहा है जिसके कारण मंहगाई बढ़ रही है जो चीज दस की आती वो बीस से पच्चीस रूपये की हो गयी है. जिसका असर लोगों पर यह पड़ा है कि लोगों की सैलरी तो नहीं बढ़ी लेकिन उसमें कटौती जरूर हो गयी है और उन्हें दो रोटी खाने की वजह एक रोटी से ही काम चलाना पड़ रहा है. आज जहाँ एक तरफ अमीर वर्ग और अमीर होता जा रहा है वही गरीब और भी गरीब होता जा रहा है. आज उन मध्यम वर्ग की हालत खराब हो गयी है जो पहले सुधरी थी. और सबसे नीचे तबके की हालत और भी बुरी हो गयी है. दोस्तों ये न तो मुझे मालूम और न आपको कि कोरोना वायरस का वैक्सीन कब बनेगा और कब हमको लगेगा. किन्तु तब तक हमें उचित सामजिक दूरी तो रखनी होगी. साथ ही साथ अपने घर को चलाने के लिए अपने उन गुणों ...
वो बात जो जरूरी है