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Showing posts from October 17, 2022

जब सोच से विपरीत निकल जाए दिन

अक्सर हमारे साथ ऐसे  कई घटना क्रम हो जाते है ∣ जिनके बारे में हमने कल्पना भी नहीं की होती है ∣ इसके चलते अक्सर हमें अपने काम को करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है ∣  तब हम खुद के एक न ए रूप को जानते है जिससे हमारा परिचय होता है जहां पर हम कुछ चीजों को लेकर आशावादी तो कुछ को लेकर निराशावादी हो जाते हैं ∣ अक्सर जीवन के घटनाक्रम ऐसे बदलते हैं ∣ जो हमारी सोच के बिल्कुल उल्ट होते हैं ∣

सूरज की पहली किरण के साथ

हम सब को अपने जीवन में  इंतजार है उस प्रकाश का..जो हमारे अंधकार को दूर कर हमें प्रकाशमय बनाएं ∣ सूरज की नयी किरण से परिचय करा.. हमें बताएं कि हम वो सब कुछ पा सकते हैं जिसका सपना हमने अपनी आंखों में संजोया है ∣  इसके लिए जरूरी है कि हम अपने बीते हुए कल को भूल आने वाले कल को स्मरण कर आगे बढ़ते जाएं ∣ इसी बीच हमारा परिचय होगा ∣जीवन के उस आलोक (प्रकाश) से जो हमारा आज और कल निर्धारित करेगा ∣