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जब सोच से विपरीत निकल जाए दिन



अक्सर हमारे साथ ऐसे  कई घटना क्रम हो जाते है ∣ जिनके बारे में हमने कल्पना भी नहीं की होती है ∣ इसके चलते अक्सर हमें अपने काम को करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है ∣ 

तब हम खुद के एक न ए रूप को जानते है जिससे हमारा परिचय होता है जहां पर हम कुछ चीजों को लेकर आशावादी तो कुछ को लेकर निराशावादी हो जाते हैं ∣ अक्सर जीवन के घटनाक्रम ऐसे बदलते हैं ∣ जो हमारी सोच के बिल्कुल उल्ट होते हैं ∣

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