न्याय की आश में जब टूट जाते लोग हार जाती जिंदगी टूट जाते लोग, न्याय की जब सुर्खियां बड़ी बड़ी बनायी जाती। न्याय मिलते मिलते शहीद हो जाते लोग अन्याय जब मजबूत न्याय मिलना जटिल हो जाता पीड़ित पर बेड़ियां आरोपी जब बरी हो जाता । तब जैसे ये सवाल जरूरी हो जाता मर गयी इंसान से इंसानियत जहां आंखों में खौफ कहीं नजर न आता। सस्ती पड़ जाती जब कैद किसी के जिंदगी से खिलवाड़ हो जाता।
वो बात जो जरूरी है