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Showing posts from August 24, 2020

कभी कभी

अक्सर हम ये सोचते हैं कि हमें हर बड़ी चीज से लगाव है और हम केवल अच्छा ही सबकुछ देखना चाहते हैं लेकिन कई  बार हमारे सामने जब विपरीत परिस्थितिया आकर खड़ी हो जाती है तब हमें मालूम  चलता है कि उस चीज कि अहमियत क्या है. इस चीज को हम ऐसे समझ सकते हैं कि एक ऐसा इंसान है जिसके पास हर चीज सीमित से भी सीमित मात्रा में है .  जिसके कारण वो ये सोचता है कि उसे बड़ी जगह पर सुकून मिलेगा .  लेकिन जब वो उस बड़ी चीज को देखता है तब उसे अपने उसी छोटी चीज की अहमियत मालूम चलती है जहाँ पर उसे समय के बारे में मालूम चलता है जहाँ  सूरज निकलने से लेकर सूरज ढलने तक उसे  ये मालूम रहता है कि आज उसका काम किन चीजों को करने में लगा. 'सुख कहाँ है  किसी ने कहाँ सुख पैसे में है तो किसी ने कहा सुख  बड़ी चीजों में है,  सुख असली में तो वहीं है जहाँ  दुख है  क्योंकि दुख और सुख जीवन में यही कही है' "आज जो लोग खुद से ये बहाने करते हैं न कि उनकों वक्त ही नहीं मिलता खुद के लिए कि  वो कुछ करें उनको शांति वाली जगह ही नहीं मिलती कि वो क्या करें. इन तमाम बहाने के अलावा हम कुछ...