जब कानून अपनी अंतिम सांसें गिन रहा हो तो सवाल जरूरी है जब कानून अपनी अंतिम सांसें गिना रहा हो तो सवाल जरूरी है कि आखिर कब तक कोई लड़की न्याय की आश लिए आएगी और न्याय न मिलने पर खुद को ही इस दुनिया से खत्म करने की कोशिश करेगी आखिर कब तक वो लड़की संघर्ष करेगी किसी दोषी को सजा दिलवाने की कोशिश में खुद को ही खो बैठेगी । आखिर कब तक वो सिस्टम के आगे दम तोड़ देगी सवाल करना जरूरी है कि आखिर क्या वो न्याय पाएगी।
वो बात जो जरूरी है