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Showing posts from October 25, 2020

सृजन

  सृजन का मतलब किसी चीज का केवल निर्माण ही नहीं है बल्कि वो एक ऐसी कल्पना है जिसे आज तक किसी न सोची और न की है वो अनोखा है जिसके बारे में लोगों को जानने की जिज्ञासा हो. सृजन ये है तो बहुत कठिन प्रकिया किन्तु इसे करना बहुत आनंदमय होता है. इसमें होती है एक ऐसी कहानी जहाँ न राजा न रानी, जहाँ तक मनुष्य की सोच न हो वहाँ तक ले जाता है सृजन. सोचने को मजबूर करता है सृजन कभी किसी कहानी के जरिये कभी किसी किताब के जरिये, कभी किसी इतिहास के जरिये, कभी किसी के भविष्य के जरिये  जो न सोचा और न लिखा गया हो,  जो अनकही कहानी हो व़ो सृजन है.

समय नहीं बदलता

  समय नहीं बदलता किसी के रोने से  तेरे रहने न रहने से समय तो चलता जाता है आगे बढ़कर फर्क नहीं पड़ता तेरे होने न होने से दिक्कत नहीं खत्म होती तेरे रोने से  बदलाव आना है तो आएगा  उसे फर्क नहीं पड़ता तेरे होने न होने से तेरे हंसने से न तेरे रोने से समय को नहीं कोई फ्रिक नहीं  तेरे इस दुनिया में होने न होने से.