सृजन

 

सृजन का मतलब किसी चीज का केवल निर्माण ही नहीं है बल्कि वो एक ऐसी कल्पना है जिसे आज तक किसी न सोची और न की है वो अनोखा है जिसके बारे में लोगों को जानने की जिज्ञासा हो.

सृजन ये है तो बहुत कठिन प्रकिया किन्तु इसे करना बहुत आनंदमय होता है.

इसमें होती है एक ऐसी कहानी जहाँ न राजा न रानी, जहाँ तक मनुष्य की सोच न हो वहाँ तक ले जाता है सृजन.

सोचने को मजबूर करता है सृजन

कभी किसी कहानी के जरिये कभी किसी किताब के जरिये, कभी किसी इतिहास के जरिये, कभी किसी के भविष्य के जरिये 

जो न सोचा और न लिखा गया हो, 

जो अनकही कहानी हो व़ो सृजन है.

Comments