जिसने संसार के लिए किया विषपान जिसके लिए नहीं करनी पड़ती विशेष पूजा उसके जैसा न कोई दूजा। शिव के जैसा न कोई दूजा तु ही शिव तु ही सत्य सत्य शिवम सुंदरम्। भोला मेरे भोला सुन लो अरज मेरी जो हो हो भूल-चूक माफ कर विनती सुन लो मेरी। शिव तु ही सत्य है तु ही शिव है, तु ही देव हैं त्रिलोक अपनी कृपा मुझ पर रख सदैव।
वो बात जो जरूरी है