भोपाल गैस त्रासदी यूं तो आज 41 साल हो चुके उसे एक त्रासदी को पर उसके जख्म आज भी उतने हारे हैं यूं तो आज उसे एक अरसा हो गया है लेकिन उसे पीड़ित लोगों के जख्म आज भी हारे हैं उस फैक्ट्री में न जाने कितने राज आज भी दफन है।
वो बात जो जरूरी है
वो बात जो जरूरी है