वो कृष्ण ही थे जो जन्मे थे घोर वर्षा के बीच जिनको मारने की गयी थी कितनी कोशिश किन्तु वो हर संकट से लड़ गए थे । जो देवकी की आठवीं संतान बने थे फिर भी मां यशोदा के वो लाल बने थे कान्हा, कृष्ण कन्हैया, मुरली वाले, नटखट , माखन चोर जैसे अनगिनत नाम वाले वो कृष्ण ही थे। जो सृष्टि के कल्याण के लिए कितने कष्ट सहे थे। जब महाभारत के युद्ध में अर्जुन दुविधा में पड़ गए थे तब वो अर्जुन का साथ देने के लिए उनके सारथी बने थे जो दे गए थे उन्हें गीता का ज्ञान जब अर्जुन अपनों से युद्ध से कैसे करें उसको लेकर कुछ सोच विचार कर रहे थे ।
वो बात जो जरूरी है