कोई रो रहा होगा, तो कोई हंस रहा होगा किसी ने जन्म लिया होगा तो किसी का स्वर्गवास हुआ होगा, एक जगह अर्थी सज रही होगी तो दूसरी तरफ डोली उठ रही होगी दोनों में समानता बस इतना होगी कि चार फूल अर्थी में सजे होगे तो चार फूल डोली में पड़े होगे, किसी को दो वक्त की रोटी भी नहीं मिली होगी तो किसी के घर में पकवानों की झड़ी होगी, किसी के पास दौलत ही दौलत होगी किसी के पास फूटी कौड़ी भी नहीं होगी। क्या कहे ऐसी जिदंगी का किसी की आंखें नम होगी किसी के जाने पर तो किसी के यहाँ किसी बच्चे के आने की खुशी होगी, किसी की कहानी शुरू हुई होगी तो किसी की कहानी खत्म हुई होगी.
वो बात जो जरूरी है