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Showing posts from March 7, 2022

लड़की हुई

  अरे लड़की हुई है घर में लक्ष्मी आयी है कहकर अक्सर  लोग  बेटी  के घर आने में बधाई स्वरुप दिलासा उसके घर को देते हैं,  भले बड़ी बड़ी करेंगे बड़ाई  बेटियों की पर अक्सर  दूसरे घर जान कहकर  पराई भी तो उसे ही कहते हैं,  सीता के चरित्र पर सवाल उठाने वाले लोग अक्सर क्यूं ये भूल जाते हैं जनक दुलारी सीता की तरह आखिर   महलों में पली रानी  को वन वन भटकते देखा  किसी के आंखों में आसूं कही भी होते हैं,  पूछे भला कोई उनसे की जब   मुसीबत पड़ी तो काम किसने सबसे ज्यादा किया. तब भी लोगों ने  उसे पराया किया वो कही भी अपनी कहा समझी जाती है माँ बाप के घर होती है तो कहते हैं पराए घर में जाना है ससुराल जाती है तो कहते पराए घर से आयी,  नाता सबसे बनकर भी वो अक्सर  किसी के घर की बहु, बेटी के अलावा क्यों किसी घर की अपनी नहीं होती है,  अक्सर उसे कम आंकने वाले कहां देते हैं कि तु पराए घर की है क्या जाने पर उसे भी तो कोई पूछे उसके  त्याग  क्या कम होते हैं जब जब आती है मुसीबत तब तब नींद खराब उसकी होती है जिम्...