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Showing posts from April 6, 2020

समाज के रूप को दिखती है" प्यासा"

"प्यासा"  मूवी एक नज्मकार की जिंदगी पर आधारित है जिसका नाम विजय होता है वो एक बहुत अच्छा नज्मकार होता है .  मूवी में एक ऐसा मोड़  आता है जहाँ पर विजय को अस्पताल में भर्ती कराया जाता है वही दूसरी ओर उसकी प्रेमिका गुलाबों उसकी नज्मों को प्रकाशित करती है हर कोई उसका दीवाना हो जाता है.लेकिन ये बड़ी दुर्भाग्य की बात होती है कि उसके अपने भाई उसे कुछ पैसे के लिए पहचानना छोड़ देते हैं और उसे पागल करार कर उसे पागल खाने में भेज दिया जाता है जहाँ उसका दोस्त उसे पागलखाने से निकलने में उसकी सहायता करता है लेकिन अफ़सोस बाहर निकलने पर  वहाँ देखता है तो  उसे मालूम चलता है कि आज उसकी बरसी एक भवन में रखी गयी है वो वहां जाता है तब उसे यह देखकर बहुत बुरा लगता है और वह  सब कुछ छोड़ लोगों को अंत में यही कहता  है कि विजय मर चुका है. और वह कहता है कि मुझे ऐसा समाज नहीं चाहिए जहाँ पर लोग उसके मरने के बाद उसे ज्यादा सम्मान देते हैं और जब वह जिंदा रहता है तो उसे दर  -दर की ठोकरे खाने को मजबूर कर देता है. इस मूवी की कहानी, स्किप्ट और गाने , ...