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Showing posts from June 21, 2021

ऐसे ही नहीं लिखा ध्रुवस्वामिनी पर जयशंकर ने नाटक

गुप्त वंश में चंद्र गुप्त से सबका परिचय है किन्तु इस वंश  की सबसे प्रभाव शील ध्रुवस्वामिनी को ब हुत कम लोग ही जानते हैं ∣ जिनके विषय पर आज बात करना जरूरी है ∣ आज देश में नारीवाद बहुत सुर्खियों में चल रहा है, किन्तु वो तो गुप्त काल में उसी समय आ गया था जब गुप्त वंश की महारानी  ध्रुवस्वामिनी अपने  पति रामदेव का स्त्री को वस्तु समझने की भूल करने में भरी सभा में चंद्र गुप्त को ये आदेश दे दिया था कि वो अपने भाई रामदेव का वंध कर दे ∣ जिसका कारण यहाँ था कि रामदेव गुप्त ने अपनी आजादी के बदले अपनी पत्नी को अपने से जीते हुए राजा के पास सौपने को तैयार हो गया था किन्तु ध्रुवस्वामिनी   जो कि चंद्र गुप्त से प्रेम करती थी उस ने  चंद्र गुप्त से स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि वो नहीं उसकी लाश वहाँ जाएगी ∣ उस समय गुप्त शासन के राजा रामदेव थे उस समय चंंद्र गुप्त ने ध्रुवस्वामिनी का वेश धारण करके उस राजा का वध किया था और जब वो गुप्त साम्राज्य में आए थे तब रामदेव ने चंद्र गुप्त को बंंदी बना लिया था उस समय ध्रुवस्वामिनी ने भरी सभा में चंद्र गुप्त को आदेश दिया था "ऐसा राजा र...