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Showing posts from December 23, 2023

अंधविश्वास के नीचे आज की सच्चाई

  अगर मैं कहूं कि आज स्वामी विवेकानंद का होना इस दुनिया में बड़ा मुश्किल सा है ∣ तो नाराज मत होना।  आज जमाना सच कहने से ज्यादा झूठ का है ∣ जहां लोगों को ये लगने लगा है कि झूठ को तेजी से कह जाएं तो वो सच हो जाता है ∣  इसके चलते आज भारतेन्दु, स्वामी दयानंद सरस्वती, ज्योतिबाफुले जैसे महान लोगों का हमारे समाज में होना जैसे सफेद झूठ सा लगता है।  आज तो जमाना टेलीविजन पर गीता सुनाते उन बाबाओं का है जो खुद को ईश्वर का दूत बताने की कोशिश में है ∣  जो कबीर की बात तो करते हैं। पर लोगों को उनके उन दोहों के बारे में बताने से डरते हैं ∣ जहां वो पाखंड जैसी चीजों का विरोध करते हैं ∣ जहां वो हिन्दू मुस्लिम की एकता पर बल देते हैं ∣  इसके विपरीत आज टीवी पर आएं दिन लड़की को समाज में किस तरह से रहना है एक आदर्श लड़के की परिभाषा को बाबा गढ़ते हैं ∣  जिनकी खबरें अब राजनीति से ज्यादा सुर्खियों में रहती है ∣ जिनके नाम से राजनीति की रोटियां सिकती है ∣ अफ़सोस ऐसा करते हुए वो भूल गए हैं कि जिस हिन्दू धर्म को लेकर वो इतनी बातें कर रहे हैं ∣ वो इतना कमजोर नही हुआ है कि वो बाबा...