एक समय के बाद समझ आती है त्योहारों की कीमत जब त्योहार मनाने वाले अपने संग न रहे जब जिंदगी में गम रहे जब दूर दूर तक न हो खुशी कोई जहां सिर्फ गम रहे तब समझ आती है त्योहार के सुखद पलों की कीमत जिनके हमें कभी कद्र नहीं रही।
वो बात जो जरूरी है
वो बात जो जरूरी है