स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती आखिर क्यों मनाते हैं आज स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती है जो आर्य समाज के संस्थापक साथ ही भारत के आधुनिक विचारक और समाज सुधारक रहे हैं उन्होंने न केवल हिन्दू में फैली कुरीतियों का बल्कि इस्लाम और ईसाई में फैली कुरीतियों का भी निर्भय होकर विरोध किया. स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म 12 फरवरी 1824 को गुजरात में हुआ था. जबकि हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती मनाई जाती है. इस साल यह तिथि 08 मार्च यानी आज पड़ रही है स्वामी दयानंद सरस्वती ने दिया था नारा - 'वेदों की ओर लौटो' सरस्वती ने वेदों के प्रचार और आर्यावर्त को स्वतंत्रता दिलाने के लिए मुम्बई में आर्यसमाज की स्थापना की थी उन्होंने वेदों की ही सबसे ऊंचा माना था साथ ही ' वेंदो की ओर लौटो ' का नारा दिया था और वेदों की व्याख्या की थी जिस कारण उन्हें ' ऋषि ' भी कहा जाता है महिलाओं के हक के लिए लड़े सरस्वती स्वामी दयानंद सरस्वती ने समाज में फैली रूढ़िवादी सोच का पुरजोर विरोध किया साथ उन्होंन सत्ती प्रथा और बाल विवाह का विरोध ...
वो बात जो जरूरी है