कांच की तरह बिखरा न जाना, बारिश तरह भीगा न जाना , और पराऐ की बात पर बहाक न जाना , लोग चाहे कुछ भी कहे लेकिन अपनो से कभी दूर न जाना जिनकी करते हो फिक्र उन्हे कभी भूल न जाना.
वो बात जो जरूरी है