संविधान देश का सर्वोच्च दस्तावेज है जिसके आगे कोई भी नहीं। लेकिन जब उसकी सुरक्षा करने वाले पर ही हमला किया जाए तो सवाल तो बनता है। अभी हाल ही मैं चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बी आर गवई पर एक वकील ने जूता फेंकने की कोशिश की। जो कृत्य अक्षम्य है। फिर भले वो हमला किसी भी कारण किया गया हो। आपको बता दे कि गवई पर जूता फेंकने वाला वकील चीफ जस्टिस की उस टिप्पणी से नाराज़ था जिसमें उनकी बेंच ने जवारी मंदिर के पुनर्निर्माण की याचिका ये कहते हुए खारिज कर दी थी कि कि भगवान से कहो कि वहीं कुछ करे॑।
वो बात जो जरूरी है