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Showing posts from December 24, 2020

ईसा मसीह

आज ईसाई धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार है जिसे हम सब क्रिसमस के नाम से जानते हैं इसे बड़े दिन के नाम से भी जाना जाता है इस दिन प्रभु ईसा मसीह ( जीसस क्राइस्ट) का जन्म हुआ था. जिन्हें लोगों का मसीह कहा जाता है जो लोगों की समस्याएं सुलझाने और उन्हें परमात्मा के बारे में बताने के लिए धरती पर भेजा था वो आम इंसान होकर भी आम नहीं थे उन्हें ने पहला चमत्कार एक अंधे की आंखों में मिट्टी लगाकर उसकी आंखो मे रोशनी दी थी. वहीं दूसरा चमत्कार जब उन्हें पांच रोटी और कुछ मछली से करीब 5000 से ज्यादा लोगो को भोजन कराया था. जिस पर ईसु ने कहा था कि तुम सब लोग मेरे नहीं बल्कि अपनी भूख शांत करने के लिए इस रोटी के लिए मेरे साथ आ रहे हो लेकिन मैं तुम से कहना चाहता हुं कि तुम वो काम करो जो तुम से मेरा पिता ( परमात्मा) कराना चाहता है. उनके द्वारा किए गए हर चमत्कार को सिध्द करने के लिए कोई न कोई साक्षी जरूर होता है . अंत उनका बहुत कष्ट प्रद रहा है उन्हें क्रूस पर लटक दिया और उनके हाथों में किले ठोक दी जो कुछ यहूदियों के कट्टर पंथी लोगों की प्रभु को झूठा साबित करने की एक योजना तो थी .  इस बीच एक अनोखा काम ...

सच है

अक्सर हमें लगता है कि दोस्ती  से बड़ी कोई चीज नही दोस्त  से बड़ा कोई और नहीं लेकिन कभी कभार हम ऐसी परिस्थितियों में फंस जाते हैं जहाँ पर हमें ये समझ आता है क  ई बार आप जिसे दोस्त समझते हैं वो आप से ऐसी कड़वी बातें कहता है जिसे सुनकर लगता है कि जिसे मैं अब तक दोस्त समझ रही थी वो मेरा दोस्त ही नहीं. जब दूसरे आपको ताना कसे तो बहुत बुरा लगता है लेकिन जब अपने ही किसी चीज को लेकर दूसरे के सामने तंज कसे तो ये और भी बुरा होता है. हम इसे स्वीकारे या न स्वीकारे लेकिन ये सच्चाई है अक्सर जिसे हम अपना सबसे अच्छा दोस्त समझते हैं वो ही हमें इस तरह सब के सामने पेश करता है जैसे उसे अच्छा और हम से बुरा कोई और नहीं.

मोची वाले भाईया

कहते जो जरूरत में काम आए वहीं आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण हो जाते हैं ऐसे में उनलोगों का महत्व और भी बढ़ जाता है जिनके काम को देखकर हम अक्सर उन्हें काम आकने लगते हैं कि वो तो दूध वाला, सब्जी वाला है हम से क ई लोग की ये आदत  होतीं हैं कि पैसे का मोल भाव इतना करना लेना कि सामने वाले व्यक्ति को भले ही नुक्सान ही क्यों नहीं हो रहा हो हम अपने आप को होशियार समझने लगते हैं और दूसरी ओर मंहगे मॉल में जाकर  सामान खरीदने पर एक पैसा ज्यादा ही खर्च करते हैं. जैसे जैसे देश में तकनीक आ रही है आधुनिकरण के नाम पर हर चीज डिजटलाईज हो रहा है वैसे हम उन दुकानों से पिछड़ने लगे जिनकी हम कभी भूले भटके सुध लेते थे. अगली बार अगर आप किसी भी मोची वाले के पास  जाएं तो उसे मोल भाव करने की वजह उस उसके काम का सही मूल्य दे .