आज हमारे फोन की जानकारी कोई भी आसानी जाना सकता है और उसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। अनु 21 जीने का अधिकार देता है वह हमें उसमें निजता का भी अधिकार देता है जिसका आज पूर्ण रूप से हनन हो रहा है। आज हमारी निजता सार्वजनिक होती जा रही है फिर चाहे वो हमारे डाटा से हो या हमारी व्यक्तिगत जानकारी से हो।
वो बात जो जरूरी है