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Showing posts from June 9, 2020

जिंदगी के सफर गुजर जाते हैं फिर नहीं आते हैं.

//////////"आज ही तो जैसे  "///////////////// जिंदगी को एक न ए रूप में देखा था और कुछ नया करने को सोचा था. सफर कहने को तो ये तीन शब्द है लेकिन इसकी गहराई बहुत ज्यादा हैं. हमारे जीवन में हम बचपन से ही कितने सफर पार करते हैं ठीक वैसे ही जैसे किसी दूसरे गाँव जाने के लिए हमें नदी पार करनी होती है. बचपन में हम सोचते हैं कि हम जल्दी बड़े हो जाए जिसे कि हम अकेले घूम सके अपने निर्णय ले सके और  पूरी आजादी के साथ जिंदगी को जिए लेकिन अफ़सोस बड़े होते ही हमें छोटे होने की अहमियत मालूम चलती है. बचपन की कई कड़वी मीठी यादें हमारे दिमाग में आती जाती है किन्तु इन सब के बावजूद यहीं लगता है कि बचपन बहुत अच्छा था कि टेंशन नाम की चीज हमारी जिंदगी  में नहीं थी. अब जब बड़े हुए तो लगता है कि जिंदगी का सफर बहुत जल्दी बीत रहा है अभी तो स्कूल जाना शुरू किया था और अब कालेज आ गए. और अब तो हद ही हो गयी कि हम इसे भी विदा लेने वाले है और हम अब और भी बड़े होने वाले है.