एक नाटककार के लिए रंगमंच उसकी कर्मभूमि होता है ∣ जहां पर वो अपनी भूमिका को अदा करता है ∣ अलग- अलग कहानी के जरिए वो लोगों के बीच जाता है ∣ उन्हें वास्तविकता का अनुभव कराता है ∣ एक ही व्यक्ति के रूप में वो इंसान अपने जीवन में अलग- अलग भूमिका निभाता है ∣ हमारा जीवन भी इस रंगमंच की तरह होता है ∣ जहां पर इंसान एक साथ बहुत सारी भूमिका अदा करता है ∣ जीवन के हर उतार चढ़ाव के बीच वो खुद को परिपक्व बनाता है ∣ कुछ लोग जीवन की परिस्थितियों के चलते बदल जाते है∣ जबकि कुछ लोग समय के मुताबिक बदल दिए जाएं करते हैं ∣
वो बात जो जरूरी है