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जीवन का रंगमंच


एक नाटककार के लिए रंगमंच 
उसकी कर्मभूमि होता है ∣ जहां पर वो अपनी भूमिका को अदा करता है ∣ अलग- अलग कहानी के जरिए वो लोगों के बीच जाता है ∣ उन्हें वास्तविकता का अनुभव कराता है ∣
एक ही व्यक्ति के रूप में वो इंसान अपने जीवन में अलग- अलग भूमिका निभाता है ∣ 
हमारा जीवन भी इस रंगमंच की तरह होता है ∣
जहां पर इंसान एक साथ बहुत सारी भूमिका अदा करता है ∣ जीवन के हर उतार चढ़ाव के बीच वो खुद को परिपक्व बनाता है ∣ 
 कुछ लोग जीवन की परिस्थितियों के चलते बदल जाते है∣ जबकि कुछ लोग समय के मुताबिक बदल दिए जाएं करते हैं ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..