मैं जीरो बोल रहा हूं जिसे तुम इंसान कभी महत्व नहीं देते हो केवल मेरी निंदा करते रहते हो ∣ मेरे आ जाने पर मुंह लटका लेते हो ∣ हां मैं वहीं जीरो बोल रहा हूं ∣ जब मैं किसी के पास मैं एक जीरो नंबर बनकर जाता हूं तो वो इंसान ऐसे उदास होने लगता है ∣ मानों की मैं उसके पास हमेंशा के लिए आ गया हूं ∣ वो इंसान भला मुझे पसंद भी क्यूं करें वो होता हूं कौन हूं? पर तुम इंसानों ने कभी सोचा है कि अगर मैं नहीं रहूं तो तुम्हारा क्या होगा ? आओ मैं जीरो तुमको अपना महत्व बताता हूं मैं केवल एक संख्या नहीं बल्कि किसी भी चीज की शुरुआत के लिए वो सूत्र हूं जिसके बिना हर खोज अधूरी है ∣ जो तुम्हारे पैसे से लेकर, तुम्हारे ज्ञान विज्ञान में काम आता है ∣ तुम जीवन की शुरुआत भी जीरो से ही करते हो आगे चलकर यहीं जीरो तुम्हें हीरो बनाता है ∣
वो बात जो जरूरी है