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Showing posts from November 11, 2022

जीरो की आत्मकथा

मैं जीरो बोल रहा हूं जिसे तुम इंसान कभी महत्व नहीं देते हो केवल मेरी निंदा करते रहते हो  ∣ मेरे आ जाने पर मुंह लटका लेते हो ∣ हां मैं वहीं जीरो बोल रहा हूं ∣ जब मैं किसी के पास मैं एक जीरो नंबर बनकर जाता हूं तो वो इंसान ऐसे उदास होने लगता है ∣  मानों की मैं उसके पास हमेंशा के लिए आ गया हूं  ∣ वो इंसान भला मुझे पसंद भी क्यूं करें वो होता हूं कौन हूं?  पर तुम इंसानों ने कभी सोचा है कि अगर मैं नहीं रहूं तो तुम्हारा क्या होगा ?  आओ मैं जीरो तुमको अपना महत्व बताता हूं   मैं केवल एक संख्या नहीं बल्कि किसी भी चीज की शुरुआत के लिए वो सूत्र हूं जिसके बिना हर खोज अधूरी है ∣ जो तुम्हारे पैसे से लेकर, तुम्हारे ज्ञान विज्ञान में काम आता है ∣ तुम जीवन की शुरुआत भी जीरो से ही करते हो आगे चलकर यहीं जीरो तुम्हें हीरो बनाता है ∣