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Showing posts from January 28, 2020

हम ही न रहे तो किस चीज का होगा विकास

    "  जहाँ विकास हुआ वहां- वहां  पेड़ों को कांटा"  क्या किसी ने सोचा कि  जिसनें उस पेड़ को लगाया होगा   उसने ये सोचा होगा कि  विकास के नाम पर उसका अस्तित्व ही खत्म  हो जाऐगा ।  आज जहाँ हर कोई केवल अपने बारे में सोच रहा हैं उसे किसी की फ्रिक ही नहीं है  और वो वस्तुओं का उपभोग कर रहा है। उसने क्या  सोचा कि कल वो किस तरह का जीवन  जिऐगा  जब उसके  पास न तो प्रकृति के साधन होगे न जीवन सुगम जीने का तरीका उसे पानी जैसी चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। जब पानी का कोई  स्त्रोत ही नहीं होगा । "हम ज्यादा नहीं तो इतना तो कर ही सकते हैं कि हम अपनी आवश्यकताओं को सीमित करे। कल के लिए आज बेहतर काम करे और जिंदगी को सादगी के साथ बिताऐं। " किसी ने बहुत सही कहा है कि बूंद बूंद से घड़ा भरता है।            

अभी नहीं जागे तो कब ?

                                                 जब सृष्टि हो जाऐगी                             खत्म  तो क्या तुम तब जागोगे?                                      जरा सोचो तुम                                       कल जब नहीं होगी                                      पेड़ों की उपस्थिति तो                                     क्या तुम तब जागोगे?                    ...

पुरूष प्रधान समाज से प्रश्न पूछती है -थप्पड़ मूवी

अक्सर हम ये देखते आऐ  हैं कि बचपन से ही लड़की को  ये सीखाया जाता है कि वो लड़की है उसे   सब की बात सुनी होगी और वो एक लड़की है उसे दूसरे की बातें सुननी होगी. इस मूवी को जितना में समझ पायी उस में मेरा मानना है कि  थप्पड़   मूवी एक ऐसा सवाल हम सब से पूछती है जिस पर हमने कभी ध्यान ही नहीं दिया.. १.क्या सबके गुस्सा उतरने के लिए ही एक स्त्री और महिला जाति  ही है ? २.क्या उसका कोई सम्मान नहीं है? " समकालीन समय में भले ही आज लोगों का ये मानना है कि लड़कियां और महिलाएं पहले के मुताबिक ज्यादा स्वतंत्रता है और उन्हें हर तरह से आजादी है पर आज भी ये '     थप्पड़ न जाने कितनी लड़कियों और महिलाएं को जड़ दिया जाता है जैसे वो उनकी गुलाम है, याद रखिये मेरी इस बात का की गुस्सा केवल  लड़कों को ही नहीं आता गुस्सा लड़कियों को भी आता है लेकिन वो  अपना गुस्सा नियत्रि ं त कर लेती है ये गुण इस पुरुष प्रधान समाज को स्त्री जाति से सीखना चाहिए." और हर लड़की को बचपन से ही  खुद का सम्मान करना चाहिए  जब वो खुद का सम्मान करेगी तभी कोई दूसर...