तुझें तकलीफ किसकी कि तुझें काटे भरे रास्ते पर जाना हैं। थोड़ा धीरे से ही किन्तु तुझें चलते जाना है। किसी दूसरे की खुशहाल जिंदगी को देखकर तु ईर्ष्या का भाव न रखा ...
वो बात जो जरूरी है