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Showing posts from February 9, 2020

सफरनामा

जिंदगी   मिलती तो सबको एक सी है फर्क सिर्फ इतना होता है कि लोग उसे कैसे जी रहे है कुछ इंसान ऐसे तो है जो कि कुछ पाने की चाह में दिन -रात लगे रहते हैं तो  कई केवल जिंदगी को जी रहे  होते है। जब मैं इसका जिक्र करती हूँ तो मेरे जहान में अंग्रेजी कविता की अंतिम पंक्ति याद आती है जिसमें लेखक आईना की तरह साफ शब्दों में कहता है" कि जो व्यक्ति अपने जीवन में जोखिम नहीं लेता है ,उसकी आजादी का हरण दूसरे लोगों के दूवारा कर लिया जाता है और इसके विपरीत जो लोग जोखिम लेते हैं वो उसमें सफलता हासिल कर पाऐं   या न पर ऊंचाई तक जरुर पहूंचते है। "           

दौड़

आज हर कोई  इंसान अपने  किसी  ख्वाब को  पूरा करने के लिए उसके पीछे  भाग रहा है  अंतर  केवल इतना है कोई आगे दौड़ रहा है तो कोई पीछे। हमारा लक्ष्य जो भी हो उसे मुकम्मल करने के लिए हमें जी तोड़ मेहनत करनी होगी। किसी ने इसके लिए क्या खूब फरमाया है - "तरक्कियो की दौड़ में उसी का दौर चला गया बना के अपना रास्ता जो भीड़ से निकल गया। " जो व्यक्ति भीड़ से अलग चलता है वो ही कुछ पहचान बना पाता है ' झुड़ में तो भेड़ चलते हैं लेकिन शेर तो अकेला ही आता है।' वर्तमान समय में हम जिस भी स्थान पर चल रहे है  वहाँ पर हमें भीड़ से अलग होकर अपनी पहचान बननी होगी।