दौड़







आज हर कोई  इंसान अपने  किसी  ख्वाब को  पूरा करने के लिए उसके पीछे  भाग रहा है  अंतर  केवल इतना है कोई आगे दौड़ रहा है तो कोई पीछे।
हमारा लक्ष्य जो भी हो उसे मुकम्मल करने के लिए हमें जी तोड़ मेहनत करनी होगी।
किसी ने इसके लिए क्या खूब फरमाया है -

"तरक्कियो की दौड़ में उसी का दौर चला गया
बना के अपना रास्ता जो भीड़ से निकल गया। "


जो व्यक्ति भीड़ से अलग चलता है वो ही कुछ पहचान बना पाता है ' झुड़ में तो भेड़ चलते हैं लेकिन शेर तो अकेला ही आता है।'
वर्तमान समय में हम जिस भी स्थान पर चल रहे है  वहाँ पर हमें भीड़ से अलग होकर अपनी पहचान बननी होगी।

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