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Showing posts from April 21, 2021

Important day

    World creativity and Innovation Day सृजन करना बिल्कुल उस तरह से ही है जिस तरह एक स्वेटर को बुनना  है ।  जिसमें उसके हर हिस्से की लंबाई का नाप  इतना सावधानी से लेना है ।    कि उसकी एक सिलाई भी ज्यादा कम न लग जाए जिससे स्वेटर की बनावट खराब ह़ो जाए उसी तरह किया जाता है  ।  हर चीज का सृजन भले फिर वो शब्दों को क्यों न गढ़ कर एक रचना करना हो । क्या ऐसा ही हो जाता है सृजन इसका उत्तर है नहीं, बरसों लग जाते हैं  व्यक्ति को किसी चीज का सृजन करने में जिसमें उसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देना होता है  ।  ठीक उसी तरह जिस तरह एक घर बनाया जाता है। जिसमें सबसे पहले एक घर का नक्शा तैयार किया जाता है। जिसे लेखन में रूप रेखा कहीं जाती  है। फिर उसके हिसाब से घर को एक आकार दिया जाता है जिसे प्रस्तावना कहते हैं फिर उसमें ये निर्णय लिया जाता है कौन सा कमरा कितना बड़ा और कितना छोटा रखना है जिसे लेखन में चरित्र चित्रण कहते हैंं। फिर उसे बनाना प्रारंभ किया जाता है जिससे कथावस्तु कहते हैं और फिर अंत में उसका उद्देश्य चुना ज...

शिकायत करने वालों से

कुछ लोग की आदत ही होती है काम कम और शिकायत ज्यादा करना जैसे वो ही केवल इस दुनिया में परेशानी झेलने वाले है बाकी सब तो स्वर्ग में निवास कर रहे हैं जहाँ कोई परेशानी नहीं   जैसे एक सज्जन व्यक्ति की पहचान विपरीत परिस्थितियों में होती है कि वो अपनी सज्जनता कब तक नहीं छोड़ता है वैसे ही एक समझदार इंसान के लक्षण होते हैं विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य न खोना और अपने काम को करना दुनिया में दो तरह ही प्रवृत्ति के लोग होते हैं एक जो सिर्फ शिकायत करते हैं काम नहीं दूसरे व़ो जो शिकायतें कम काम ज्यादा करते हैं इस कोरोना वायरस महामारी के समय हमें चाहिए की हम शिकायत कम करे काम ज्यादा करे क्यों कि लोगों के पास परेशानी कम नहीं की हम उनसे अपनी छोटी - छोटी परेशानी की सुलह करने के लिए पहुंच जाएं.