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Important day

   

World creativity and Innovation Day




सृजन करना बिल्कुल उस तरह से ही है जिस तरह एक स्वेटर को बुनना  है जिसमें उसके हर हिस्से की लंबाई का नाप  इतना सावधानी से लेना है   कि उसकी एक सिलाई भी ज्यादा कम न लग जाए जिससे स्वेटर की बनावट खराब ह़ो जाए उसी तरह किया जाता है  हर चीज का सृजन भले फिर वो शब्दों को क्यों न गढ़ कर एक रचना करना हो ।

क्या ऐसा ही हो जाता है सृजन इसका उत्तर है नहीं, बरसों लग जाते हैं व्यक्ति को किसी चीज का सृजन करने में जिसमें उसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देना होता है  ठीक उसी तरह जिस तरह एक घर बनाया जाता है। जिसमें सबसे पहले एक घर का नक्शा तैयार किया जाता है। जिसे लेखन में रूप रेखा कहीं जाती  है। फिर उसके हिसाब से घर को एक आकार दिया जाता है जिसे प्रस्तावना कहते हैं फिर उसमें ये निर्णय लिया जाता है कौन सा कमरा कितना बड़ा और कितना छोटा रखना है जिसे लेखन में चरित्र चित्रण कहते हैंं। फिर उसे बनाना प्रारंभ किया जाता है जिससे कथावस्तु कहते हैं और फिर अंत में उसका उद्देश्य चुना जाता है  

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..