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Showing posts from December 18, 2023

2023 से ये सीख लेना तुम

' नया साल ' जिसका हर किसी को बेसब्री से इंतजार रहता है ∣ कितनी उम्मीदों को समेटे ये साल हमारे करीब आता है ∣ जहां इंसान अपने लिए कुछ अच्छे -बुरे फैसले लेने की कोशिश कर पाता है ∣  जहां ये इंसान कभी टूटता तो कभी जुड़ सा जाता है ∣ एक अलग सा रिश्ता होता है इन दोनों के बीच जहां हर दिन वो उसे याद दिलाता है कि क्या हुआ, आज का दिन ठीक न रहा। कल कुछ बेहतर मिलेगा।  इस उम्मीद के साथ टूटा हुआ इंसान भी जुड़ने की कोशिश में लग जाता है ∣ "आसान नहीं होता है क ई बार लगातार टूटते हुए जुड़ते जाना। इसके बावजूद जब वो इंसान आगे बढ़ता है ∣ तब वो बदल सा जाता है ∣" समय के साथ परेशानी से घबराना छोड़ ,  सफलता और असफलता के बीच वो गिरकर चलना सीख ही जाता है ∣ इस बीच नए रिश्तों में कभी बंधता तो कभी पीछे छोड़ आगे निकल जाता है ∣ कई बार उसे खुद नहीं मालूम चलता है ∣ कि खुद से आगे निकलने के चलते वो अक्सर अपनी खुशियां को भी कहीं पीछे छोड़ आता है ∣ कहने को तो वो भीड़ के बीच रहता है वो किन्तु भीड़ में भी तब वो अकेला हो जाता है ∣  जब वो फैसला खुद के लिए लेता है ∣ खुली किताब सा होता है उसका मन साल की शुरुआत म...