कुछ वादे सिर्फ वादे रह जाते हैं कुछ वादे निभाए जाते हैं बड़ी मुश्किल से मिलते हैं हर वादे निभाने वाले वरना आज कल तो पल में रिश्ते टूट जाए करते हैं, थोड़ा सम्भाल कर रखा करों इन रिश्ते को जो एक बार टूटने पर जुड़ कर भी कहां जुड़ पाते हैं कांच टूट जाने पर कितना भी जोड़ लो उसमें निशान अक्सर बन ही जाया करते हैं, ख्याल रखा करो अपने नाजुक रिश्तों का क्योंकि कुछ रिश्ते तो एक समय के बाद टूट ही जाया करते हैं, जब दुनिया वाले से मिले तब ये जान पाते हैं कुछ लोग ही होते हैं जो हमारी हर बात सुनकर भी हम से बात करते हैं वरना आजकल तो लोग थोड़ी थोड़ी बातें के चलते नाराज हो जाया करते हैं , बड़ी मुश्किल से मिलते हैं अच्छे लोग वरना आजकल तो सिर्फ दिखावे के लोग, और दिखावी वातावरण में रहकर हम रिश्ते की कीमत कहां समझ पाते हैं, सच तो यही है कि इस दुनिया में अच्छे हालातों में अच्छे लोग मिल ही जाया करते हैं पर जो बुरे हालात में मिलकर अच्छे हालात आने तक का इंतजार करे हमारे साथ ...
वो बात जो जरूरी है