इंसान को संघर्ष हर जगह करना पड़ता है फर्क महज इतना सा होता है। कि वो संघर्ष अपने व्यक्तिगत हित के लिए कर रहा है। या दूसरों की भलाई के लिए। बिना कुछ जाने दूसरों से तुलना करना आसान है लेकिन उससे कहीं मुश्किल है उसकी जगह पर खड़ा होना।
वो बात जो जरूरी है