यू तुम सब्जी भी मोल भाव कर खरीदते हो। एक रूपये भी ज्यादा न देने की तुम कोशिश हर बार करते हो। आज जब बात आयी देश के निर्माण की। तब तुम इसे सिर दर्द समझ इस दिन हॉलीडे क्यों मानते हो। या फिर किसी को भी वोट दे आएं। जैसी सोच रख अपना वोट देने जाते हो। जहां तुम्हारी सोच ही केवल ये रहती है तुम्हारे एक वोट से होने क्या वाला है? वोट ही तो है। देकर तुम अपनी जिम्मेदारी पूरी करते हो। जरा ठहरा जाओं , एक पल कर लो सोच विचार। तुम वोट देने जा रहो हो। जिससे बनेगी किसी की सरकार तो किसी के सिर से छिनेगा जीत का ताज। चलो आओं एक जिम्मेदारी को हम निभाते है। अपना एक वोट देश के सुंदर भविष्य के लिए दे जाते है। जहां वोट का मतलब कोई राजनीति न हो। देश का विकास, रोजगार की बात, गरीबी का विनाश, युवा न हो अब हताश, जहां सब पढ़े सब बढ़े। धर्म के नाम पर राजनीति अब और न करे। इस सोच के साथ आओं हम अपनी एक जिम्मेदारी निभाएं। ये वक्त है हिसाब लेने का आओं हम मिल देश का नया इतिहास लिखें जो कागजी न होकर वास्तविक हो। जहां कोई बड़ा छोटा न होकर सब एक हो।
वो बात जो जरूरी है