अगर तुम देखती हो ख्वाब ऊंचाई पर चढ़ने की तो कड़क कर लो अपने हाथ जिन हाथ में तुमने कभी चुड़ियाँ पहनी थी , उनमें अब तुम कड़क पना रख लो जिन पैर में कभी पायल पहनी थी उनमें ऐसे चप्पल पहना लो जो तुम्हारी सुरक्षा कर सके क्योंकि आज न तुम्हारा अपना न पराया कोई नहीं है इतना विश्वास करने वाला, अब वक्त आ गया है अपनी सुरक्षा करने का जिम्मा स्वयं लेने का जागों मेरी नन्ही दुलारी बेटी
वो बात जो जरूरी है