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Showing posts from July 29, 2020

क्या आज हम सच में आधुनिकता के प्रतीक है?

आज हर कोई खुद को आधुनिकता का प्रतीक समझता है जहाँ वो दूसरे को ये दिखाने में लगा हुआ होता है कि वो आज आधुनिक हो चुका है .  किन्तु ये उस समय झूठा साबित होता है जब वो किसी काम के लिए लड़के और लड़कियों में फर्क करता है. आज हम सब को ये समझने की जरूरत है कि एक बेहतर कल के लिए दोनों में समानता होना जरूरी है इसलिए आज हमें एक ऐसे समाज को  निर्माण करने की जरूरत है जहाँ लड़का  और लड़की  दोनों समान हो उन में किसी तरह का भेदभाव न हो. इसके लिए जरूरी है कि घर में इस तरह का माहौल हो जहाँ लड़का और लड़की में किसी तरह का भेदभाव न हो. आज आवश्यकता है बदलाव की..