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Showing posts from January 11, 2024

स्वामी विवेकानंद को महान बता हम भूल गए कि

  किसी इंसान के जीवन के संघर्ष को समझने से बहुत आसान होता है ∣ कि उसे 'अद्वितीय' करार कर दिया जाएं। जिससे उनके जैसे बनना तो दूर, लोग उनकी तरह सोचने से भी पीछे हटे।  ऐसा ही कुछ हमने 'स्वामी विवेकानंद' के साथ किया है ∣ जिनके विचारों को हम पढ़ते तो है ∣  परन्तु कभी ये नहीं सोचते हैं कि उन्होंने ये सब किया कैसे है?   जहां आज 2023 के जमाने में हम किसी अंधविश्वासी इंसान से ये नहीं कह सकते हैं कि आप गलत सोच रहे हैं ∣ आप झूठ बोल रहे हैं।  ऐसे में भला जब देश अंधविश्वासी लोगों से भरा था। तब स्वामी विवेकानंद ने किस तरह लोगों के बीच ज्ञान का दीप जलाया था।  ये आज प्रश्न किया जाना जरूरी है?   जहां हमें केवल उनके जीवन का एक पक्ष दिखाया जाता है कि वो किस तरह से नरेंद्रनाथ से स्वामी विवेकानंद हुए।  पर उनके इस बीच की यात्रा को हम देखना ही भूल जाते हैं जहां स्वयं उनके देश वालों ने उनके साथ अन्याय किया। उनकी मदद करना दूर उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया।  फिर भले आज वो लोग स्वामी विवेकानंद को भारतीय पुकारते   है ∣ पर वास्तविकता तो यहीं हैं कि जब उन्हें हमारी जरूर...

आज के समय में स्वामी विवेकानंद जी के विचारों की प्रासंगिकता

जब धर्म और अंधविश्वास के नाम पर लोगों को तर्क के विरोध लाकर खड़ा कर दिया जाएं। जो अप्रमाणित हो।  ऐसे समय में स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करना जरुरी हो गया है ∣    जो किसी भी तरह की अंधभक्ति से बेहतर नास्तिक इंसान को मानते है ∣ जो किसी भी तरह के अंधविश्वास में नहीं फंसता है ∣ इसके विपरीत दूसरी ओर बड़ी संस्था खोल धर्म के नाम पर आज लोग पाखंड का प्रचार कर रहे हैं ∣ जो लोग स्वयं को भगवान साबित करने की बात करते हैं ∣ ऐसे लोगों से बचने के लिए जरूरी है कि हम आध्यात्मिक का असली विचार जानें। जो मन और आत्मा के जोड़ की बात करता है ∣ जो मन को एकचित्त करने पर जोर देता है ∣  उनसे अच्छा तो बुद्ध का विचार है जो इंसान की मुक्ति के ऋलिए उसे तत्पर रहने की बात करता है ∣ इसके अलावा स्वामी विवेकानंद ने उन लोगों का विरोध किया है ∣ जो लोग मानव जाति को बचाने की वजह पशु पक्षी को बचाने की बात करते हैं ∣ उनका मानना है कि आज व्यक्ति जिस दुदशा  में है ∣ उसका कारण वो स्वयं ही है ∣ स्वामी विवेकानंद ने व्यक्ति को ज्ञान आर्जित करने से पहले खुद में इतना बल अर्जित करने को कहा है ∣ ताकि व...