आज के समय में स्वामी विवेकानंद जी के विचारों की प्रासंगिकता


जब धर्म और अंधविश्वास के नाम पर लोगों को तर्क के विरोध लाकर खड़ा कर दिया जाएं। जो अप्रमाणित हो। ऐसे समय में स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करना जरुरी हो गया है ∣ 
 
जो किसी भी तरह की अंधभक्ति से बेहतर नास्तिक इंसान को मानते है ∣ जो किसी भी तरह के अंधविश्वास में नहीं फंसता है ∣

इसके विपरीत दूसरी ओर बड़ी संस्था खोल धर्म के नाम पर आज लोग पाखंड का प्रचार कर रहे हैं ∣ जो लोग स्वयं को भगवान साबित करने की बात करते हैं ∣ ऐसे लोगों से बचने के लिए जरूरी है कि हम आध्यात्मिक का असली विचार जानें। जो मन और आत्मा के जोड़ की बात करता है ∣ जो मन को एकचित्त करने पर जोर देता है ∣

 उनसे अच्छा तो बुद्ध का विचार है जो इंसान की मुक्ति के ऋलिए उसे तत्पर रहने की बात करता है ∣
इसके अलावा स्वामी विवेकानंद ने उन लोगों का विरोध किया है ∣ जो लोग मानव जाति को बचाने की वजह पशु पक्षी को बचाने की बात करते हैं ∣ उनका मानना है कि आज व्यक्ति जिस दुदशा  में है ∣ उसका कारण वो स्वयं ही है ∣

स्वामी विवेकानंद ने व्यक्ति को ज्ञान आर्जित करने से पहले खुद में इतना बल अर्जित करने को कहा है ∣ ताकि वो उस ज्ञान को लेकर उसका उपयोग कर सके। 
जिन्होंने ने इंसान को खुद पर काम करने पर जोर दिया है ∣ जो खुद को दुबल नहीं बल्कि इतना मजबूत बना ले कि वो अपने साथ दूसरे लोगों की मदद कर सके। 

Comments