हम जब भी अपनी सीमा का निर्धारण करते हैं तब हम खुद को सीमित कर देते हैं। कुछ सपने तब तक सच नहीं होते हैं जब तक हम उसे सच करने की कोशिश नहीं करते हैं। कुछ लोग की खुशी कुछ पाना है तो कुछ की खुशी केवल श्रेष्ठ बनने में है। समय की गति को हम नहीं रोक सकते किन्तु उस बीच कुछ ऐसा कर सकते हैं जो हमें कल से आज बेहतर बनाएं। कुछ लोग बचपन से ही चालाकी करते हैं कुछ लोग चालाक होने का स्वांग रचते हैं दोनों ही खतरनाक होते हैं। खुश रहने का मतलब सबकुछ पाना नहीं कुछ हासिल करने के लिए की गयी मेहनत हैं।
वो बात जो जरूरी है