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Showing posts from December 24, 2023

क्या इतना आसान होता है

  कुछ भी तब तक आसान कहां होता है  जब तक हमारे अन्दर उसके लिए जुनून कम होता है ∣ एक कर सबकुछ पीछे छोड़ जब हम आगे बढ़ते हैं फिर उसे समेट कर रखना कहां आसान होता है ?  जहां कोई जब हमें समझने वाला शेष नहीं होता है तब भी चलते जाना लगातार बढ़ते रहना अक्सर मुश्किल सा होता है ।  क ई बार सहनशीलता का घूंट पीकर भी चुप रहना होता है ∣ क्या आसान होता है उस दिशा में चलना जहां सिर्फ हमें परीक्षा देना होता है ∣