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Showing posts from April 13, 2024

B.R. Ambedkar: भीमराव होना आसान नहीं है

B.R. Ambedkar:  यू तो आजादी को आज काफी वक्त हो गया। जहां हर कोई आधुनिकता के रंग में रंगा हुआ है। लेकिन क्या वो अपने मन के उस मैल को खत्म कर पाया है। जहां जात पात का भेद मन में आज भी है।  भले कबीर अपने दोहे में कह गए है। कि इंसान अपनी जाति से नहीं, अपने कर्म और ज्ञान से बड़ा है। लेकिन अंधों और गूंगों की दुनिया में आज जाति ही सबसे बड़ी है। जहां आपका सरनेम ही सबकुछ हो जाता है।  एक छोटा बच्चा जो अभी इस दुनिया को समझ ही रहा होता है वहां उसे उसकी जाति का बोध कर बड़ा, छोटा समझा दिया जाता है। जिसके मुताबिक वो व्यवहार करने लगता है। ऐसे में आज भीमराव का जिक्र करना जरुरी हो जाता है जिन्होंने अपने समय में वो कर दिया... जो आज भी करना मुश्किल है... मैं बात कर रही हूं भीमराव अम्बेडकर की जिनके ज्ञान के आगे हर कोई बौना पड़ जाता है। जिन्हें विश्व के सबसे बड़े संविधान का प्रेरणा स्त्रोत कहा जाता है। जिन्होंने संविधान के ड्राफ्ट को तैयार किया। अन्य देश के संविधान का अध्ययन कर भारत के संविधान में हर चीज को लाया... जो हमारे देश की विविधता को बनायें रखें। सबको सामान्य न्याय दिलाने का जिम्मा अपन...

Girls : हां लड़कियां भी गलत हो सकती है

हां लड़कियां भी गलत हो सकती है कई बार वो भी गलतियां कर सकती है पर इसका मतलब ये नहींं कि क्योंकि वो लड़किया है  इ सलिए वो गलत ही होगी। वो भी कई बार कई नियम, कायदें  तोड़ सकती है सवाल जब उनसे सम्बाधित हो तो वो प्रश्न पूछ जबाव मांग सकती है। हां वो भी समाज के दोहरे चरित्र का  हिस्सा हो सकती है जहां बात जब उनकी  तब चीजें  कुछ और दूसरों पर कुछ और लागू करने वाली उनकी सोच हो सकती है। हां वो गलत हो सकती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं क्योंकि  वो  लड़कियां है इसलिए वो गलतियां करेंगी सही गलत में भेंद न करेंगी। उनका संघर्ष भी उतना ही ज्यादा है ये बात अलग है हर किसी उनका संघर्ष  सिर्फ दिखाता आधा है। जहां सबकुछ उनके कैरेक्टर सटिर्फिकेट पर आकर  खत्म हो जाता। जब सवाल उनके हक का हो तब ये समाज मौन हो जाता। जिन्हें लड़की हमेशा वो गलत ही नजर आती है। आज जमाना ये है जहां वो अपने भाई के साथ भी कहीं जाएं  तो  वो लोगों को किसी दूसरे लड़के के साथ जाती नजर  आती है। जहां सारे नियम सिर्फ उस पर लागू मर्यादा का ठेका वो बचपन लेकर जीवन के अंत तक निभाती है। जो लोग ...