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Showing posts from May 3, 2021

इंसान और समय

  इंसान थक जाता है अक्सर काम करने से किंतु जिंदगी का इम्तिहान नही है थकता, सूरज भले ढलने लगता किन्तु ढलते हुए भी अपनी रोशनी कम न करता है,  जीवन के साथ समय बदलता है अक्सर समय हाथ से ऐसे निकल जाता है किन्तु कुछ मालूम नहीं चलता है कुछ अपनों का साथ बीच में छुट जाता है  किन्तु समय उसी तेज गति से चलता है  सुबह होती भले कितनी अच्छी हो पर अक्सर शाम ढलने पर छोड़ जाती है जिंदगी के अनेक प्रश्न ,इन प्रश्न के बीच इंसान रह जाता है  अक्सर समय जिंदगी में एक पल आकर ऐसे लगता है कि वो रूका सा गया है किन्तु तब भी समय चलता है दिन ढलता रात आती है समय का पहिया चलता है.  एक समय होता है जब दिन ओर रात का फासला मालूम न चलता  एक समय जब आता है  जब दिन रात का हर समय न कटता  न चलता न रूकता है  ज्यादा बोलने वाले लोग भी जब बोलना है छोड़ देते  तब दिन दिन  न होकर रात  आती है  कुछ पल  जिंदगी में ऐसे आते हैं  जब रात न कटती  न दिन ढलता है  जब समय का पहिया चलता है.

World press freedom day

आज विश्व प्रेस दिवस है जिसे मनाने का उद्देश्य निष्पक्ष पत्रकारिता को बनाए रखना है।   पत्रकारिता के मूल्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करना है  । जिसका विश्लेषण  एक रिपोर्ट के द्वारा जिसे वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम कहते ।  पेश की जाती है जिसका आधार मीडिया  की आजादी, स्वंतत्र पत्रकारिता , अपनी बात कहने की आजादी, लिखने या छापने की कितनी आजादी है यह संस्था इसी आधार पर सभी देशों की रेटिंग करती है बता दे कि भारत का इसमें 142 वां स्थान है । आज समकालीन समय में हम अगर  देखे जब भारत में कोरोना वायरस की खतरनाक लहर का सामना पूरा देश कर रहा है।   ऐसे समय में  पत्रकारिता का मुख्य काम जनता की आवाज को शासन तक पहुंचाना है  । और जनता की साथ देना है उसकी समस्या को सुनकर प्रशासन तक पहुंचाना है जो आज केवल और केवल आदर्श स्थिति बनकर रह गयी  है ।