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World press freedom day


आज विश्व प्रेस दिवस है जिसे मनाने का उद्देश्य निष्पक्ष पत्रकारिता को बनाए रखना है।   पत्रकारिता के मूल्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करना है  ।

जिसका विश्लेषण  एक रिपोर्ट के द्वारा जिसे वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम कहते ।

 पेश की जाती है जिसका आधार मीडिया  की आजादी, स्वंतत्र पत्रकारिता , अपनी बात कहने की आजादी, लिखने या छापने की कितनी आजादी है यह संस्था इसी आधार पर सभी देशों की रेटिंग करती है बता दे कि भारत का इसमें 142 वां स्थान है ।

आज समकालीन समय में हम अगर  देखे जब भारत में कोरोना वायरस की खतरनाक लहर का सामना पूरा देश कर रहा है।   ऐसे समय में 

पत्रकारिता का मुख्य काम जनता की आवाज को शासन तक पहुंचाना है  । और जनता की साथ देना है उसकी समस्या को सुनकर प्रशासन तक पहुंचाना है जो आज केवल और केवल आदर्श स्थिति बनकर रह गयी  है ।

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..