आसान नहीं होता है सृजन किसी का भी उसके लिए करना पड़ता है कठोर परिश्रम, खुद को खोकर कुछ पाने की चाहत करनी होती है ∣ बिना संघर्ष कहां कोई निर्माण की चीज होती है ∣ मालूम उसी को इसकी कीमत ह़ोती है ∣ जो स्वयं करते हैं किसी चीज का सृजन बिना रूके , बिना थके जो चलते जाते हैं ∣ एक नयी ऊंचाई की ओर एक उम्मीद के साथ चाहे कितनी भी सख्त हो जाएं, ये जीवन की धूप फिर भी चलना होगा ∣ हर हाल में हर परिस्थितियों को सहते हुए ताकि किसी चीज का निर्माण हो सके ∣
वो बात जो जरूरी है