आसान नहीं होता है सृजन
किसी का भी उसके लिए
करना पड़ता है कठोर परिश्रम, खुद को खोकर
कुछ पाने की चाहत
करनी होती है ∣
बिना संघर्ष कहां
कोई निर्माण की चीज होती है ∣
मालूम उसी को इसकी कीमत ह़ोती है ∣
जो स्वयं करते हैं
किसी चीज का सृजन
बिना रूके , बिना थके
जो चलते जाते हैं ∣
एक नयी ऊंचाई की ओर
एक उम्मीद के साथ
चाहे कितनी भी सख्त हो जाएं, ये जीवन की धूप
फिर भी चलना होगा ∣
हर हाल में
हर परिस्थितियों को सहते हुए
ताकि किसी चीज का निर्माण हो सके ∣

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