हम जब दूसरे की परिस्थ़िति देखते है तब हमें समझ आता है कि हम कितनी सुविधापूर्ण जिंदगी जी रहे है फिर भी हमें संतोष नहीं। किसी को कुछ भेंट देने के लिये बड़े होने का नहीं बल्कि आपकी सोच बड़े होने की जरूरत है । रात को सोते समय एक बार आवश्यक सोचिऐ कि आज मैने पूरे दिन में ऐसा कौन सा काम किया जो मैने आज करने को सोचा था।
वो बात जो जरूरी है