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Showing posts from March 29, 2021

अहमियत रंग की

रंग न तो जिंदगी बेरंग सी हो जाती है जो लोग हो जाए रंगों से दूर उन्हें ही रंगों की कीमत समझ में आती है रंग जीवन में आते हैं तो उनकी बहार सी आ जाती है अगर आज हम स्वयं से ये प्रश्न पूछे, कि रंग न हो जिंदगी में तो क्या होगा? तो आप कहेगें! जिंदगी बेरंग हो जाएगी ऐसा नहीं कि बेरंग जिंदगी खूबसूरत नहीं होती किन्तु जब हम रंगीन जिंदगी में रहने लगे तो हमें वो अक्सर धुधंली नजर आती है    आज भी कई देश में व्यक्ति का रंग उसका आदर सम्मान तय करता है काला रंग का व्यक्ति भले ही जितना भी उपलब्धियां पा ले किन्तु सफेद रंग वाले व्यक्ति की गौरी चमड़ी देखकर आज भी काले और गौरे रंग के साथ भेदभाव किया जाता है आज भी लड़की अगर काली है तो उसकी शादी होने में बहुत परेशानी होती है जिसके चलते आज कई विज्ञापन इसके लिए पैसा खर्च कर रहे हैं कि वो एक ऐसा विज्ञापन गढ़े जो अवाम की जनता को ये विश्वास दिला दे कि वो उन्हें गौर कर देगी आज भी एक विधवा का जीवन व्यतीत कर रही स्त्री का जीवन केवल सफेद साड़ी में सिमटकर रह जाता है आज समकालीन समय में एक विशेष रंग का उपयोग कर लोग एक तरफ की जनता को अपने संग जोड़ने की कोशिश करते हैं ...