आज के समय ये आधुनिकता पर फेयर एंड लवली का प्रचार हम सब से एक ऐसा प्रश्न करता है जिसका उत्तर हम चाह कर भी नहीं ढूंढ रहे हैं. आज जब अखबार में शादी के लिए विज्ञापन दिया जाता है तो उसमें स्पष्ट रूप में लिखा होता है कि 'गौरी नारी सुंदर सुशाल लड़की चाहिए'. जैसे वो दुल्हन नहीं घर की कोई कीमती वस्तु देख रहे हो, बात केवल यहीं समाप्त नहीं होती लड़का अगर काला हो तो चल जाएगा किन्तु अगर लड़की काली तो " जैसे धरती आसमान एक हो गया हो" . आप सब को ये जानकार हैरानी होगी कि कालिदास के द्वारा लिखित " अभिज्ञान शकुन्तला " में शकुन्तला भी सावली थी आज समकालीन समय में सत्यम शिवम सुंदरम् मूवी एक बार फिर हम सब को देखनी चाहिए जिसमें एक रूपा नाम की लड़की समाज की दृष्टि में रूपवती नहीं है किन्तु वो अपने गाने और संगीत अपनी एक अलग पहचान बनाती है जिसका ये गाना सच में हम सब को कुछ सोचने को मजबूर करता है...... ** ईश्वर सत्य है सत्य ही शिव है शिव ही सुंदर है जागो उठकर देखों जीवन ज्योत जागी है सत्यम् शिवम सुंदरम्**
वो बात जो जरूरी है